Tuesday, July 31, 2007

जन्नत को देखा











उंचे पहाड़ों के मदहोश नजारों को देखा
हरी भरी वादियों की खूबसूरत ताज़गी को भी देखा
बर्फ से बहती दरिया के साहिल के जोश को भी देखा
महरूम रहे लेकिन जन्नत से जब तक तुमको ना देखा

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